धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
फाइनेंस कंपनियों और बैंकों से महिलाओं के नाम पर कराया गया लाखों का लोन, किस्त वसूली के लिए घर पहुंचने लगे कर्मचारी तो सामने आया मामला
मऊ। हलधरपुर थाना क्षेत्र के पहसा मोहिउद्दीनपुर गांव में सरकारी नौकरी दिलाने और सरकारी योजना के तहत कर्ज माफ कराने का झांसा देकर कई महिलाओं से करीब 38 लाख 64 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं ने राकेश राम नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि राकेश राम ने उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने और सरकार की विशेष योजना के तहत उनके नाम पर लिए गए कर्ज को माफ कराने का भरोसा दिलाया था। उसकी बातों पर विश्वास कर महिलाओं ने अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों और बैंकों से अपने नाम पर ऋण ले लिया। आरोप है कि इस तरह कुल करीब 38 लाख 64 हजार रुपये का लोन कराया गया।
बताया गया कि महिलाओं के नाम पर नम्र, बजाज, एलटी, एक्सिस बैंक, सैटिन, सोनाटा और आशीर्वाद समेत कई वित्तीय संस्थानों से ऋण लिया गया था। महिलाओं को भरोसा दिलाया गया था कि सरकारी योजना के माध्यम से उनका पूरा कर्ज माफ हो जाएगा। इसी उम्मीद में उन्होंने ऋण की प्रक्रिया पूरी कराई।
आरोप है कि कुछ समय बाद जब फाइनेंस कंपनियों और बैंकों के कर्मचारी ऋण की किस्तों की वसूली के लिए महिलाओं के घर पहुंचने लगे, तब उन्हें पूरे मामले की गंभीरता का पता चला। महिलाओं के मुताबिक, उन्हें जिस कर्जमाफी का भरोसा दिया गया था, उसका लाभ नहीं मिला और अब ऋण चुकाने का दबाव उनके सामने खड़ा हो गया है।
पीड़िताओं का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे और मामले को लेकर जवाब मांगा तो उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले से परेशान महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, कथित धोखाधड़ी में शामिल व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
अब इस मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। सरकारी नौकरी और कर्जमाफी के नाम पर महिलाओं को कथित तौर पर लाखों रुपये के ऋण के जाल में फंसाने के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
