धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों और गोदामों के सत्यापन अभियान के दौरान अनियमितताएं मिलने पर औषधि विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। निरीक्षण में एक प्रतिष्ठान द्वारा थोक लाइसेंस पर क्रय-विक्रय नहीं किए जाने तथा दूसरे प्रतिष्ठान में औषधि विक्रय संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। विभाग ने संबंधित अभिलेख तलब करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी को भेज दी है।
आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों एवं गोदामों का सत्यापन किया जा रहा है। अभियान के तहत औषधि लाइसेंस की चौहद्दी, दवाओं के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था, कम्पिटेंट पर्सन के अनुभव प्रमाणपत्र तथा पृथक गोदाम की स्थिति की जांच की जा रही है।
औषधि विभाग ने 19 अगस्त 2026 को कोपागंज स्थित पाण्डेय फार्मेसी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फर्म स्वामी एवं लाइसेंस पर विक्रय के लिए अनुमोदित व्यक्ति प्रवीण कुमार पाण्डेय मौजूद मिले। जांच में फर्म द्वारा लाइसेंस प्राप्ति से निरीक्षण की तिथि तक किसी व्यक्ति को अनुभव प्रमाणपत्र जारी न किए जाने की जानकारी दी गई।
इसके बाद सीता कुंड, घोसी स्थित पाण्डेय मेडिकल हाल का निरीक्षण फर्म स्वामी अरविंद कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया। प्रतिष्ठान पर थोक और फुटकर औषधि अनुज्ञप्तियां प्रस्तुत की गईं, लेकिन थोक लाइसेंस पर किए गए क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख मांगे जाने पर बताया गया कि उक्त लाइसेंस के तहत कोई क्रय-विक्रय कार्य नहीं किया जा रहा है।
निरीक्षण में पाई गई कमियों को रिपोर्ट में दर्ज करते हुए थोक औषधि अनुज्ञप्ति के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, फुटकर औषधि लाइसेंस पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में विक्रय कार्य पाए जाने पर फार्मासिस्ट के सत्यापन तक दवा बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के नियम 65 के उल्लंघन के संबंध में दवाओं के क्रय-विक्रय बीजक छह कार्यदिवस के भीतर प्रमाणित प्रतियों और साक्ष्यों सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण रिपोर्ट विभागीय कार्रवाई के लिए औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय), आजमगढ़ मंडल को भेज दी गई है।
विभाग के अनुसार जनपद के सभी थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और सत्यापन पूरा होने तक अभियान जारी रहेगा।
