धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे “मिशन सेफ फ्यूचर-2.0” अभियान के तहत शुक्रवार को मधुबन और दोहरीघाट क्षेत्र में स्कूल वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान 35 संचालित वाहनों की पड़ताल की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन मिलने पर 16 वाहनों का चालान किया गया, जबकि एक वाहन को निरुद्ध कर दिया गया।
माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में यह विशेष अभियान 11 अगस्त से 25 अगस्त तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत परिवहन विभाग की टीम ने विद्यालयों और विभिन्न मार्गों पर स्कूली वाहनों की जांच कर सुरक्षा मानकों का अनुपालन परखा।
जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधकों को स्कूल वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि निजी वाहनों से स्कूली बच्चों का परिवहन न कराया जाए। किसी निजी वाहन से बच्चों के परिवहन के दौरान कोई घटना होने पर संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और वाहन स्वामी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
परिवहन विभाग ने यह भी निर्देशित किया कि जिन स्कूल वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र अथवा परमिट समाप्त हो चुका है, उन्हें तत्काल नवीनीकृत कराया जाए। ऐसा न करने वाले विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है।
अभियान के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुहेल अहमद, प्रवर्तन पर्यवेक्षक जनमेजय यादव और प्रवर्तन सिपाही दुर्गविजय यादव ने संयुक्त रूप से जांच कार्रवाई की। विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।
