धर्मेंद्र भारद्वाज। मऊ
मऊ। मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय में पत्रावलियों को आदेश के लिए प्रस्तुत किए जाने के मामले को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, मऊ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 12 और 13 अक्टूबर को जिले के समस्त न्यायालयों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की आम सभा की बैठक सोमवार, 12 अक्टूबर को संघ के पुस्तकालय भवन में अध्यक्ष दिनेश राय एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन महामंत्री सत्यराम यादव एडवोकेट ने किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय से संबंधित प्रकरण पर अपने विचार रखे।
संघ की ओर से जारी प्रस्ताव के अनुसार, सात अक्टूबर को मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था। आरोप है कि संघ के प्रस्ताव के बावजूद मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा पत्रावलियों को सुनवाई के बिना आदेश के लिए लिया जा रहा है। इसे अधिवक्ताओं ने न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जताई।
बैठक में इस समस्या का समाधान नहीं होने और वादकारियों एवं अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से दो दिनों तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। संघ ने अपने प्रस्ताव की प्रतियां संबंधित न्यायालयों को सूचना एवं सहयोग के लिए भेजने के साथ ही समाचार पत्रों में प्रकाशन के लिए भी प्रेषित की हैं।
दो दिन न्यायिक कार्य प्रभावित होने की आशंका
बार एसोसिएशन के निर्णय के चलते 12 और 13 अक्टूबर को समस्त न्यायालयों में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने का असर न्यायालयीन कामकाज पर पड़ सकता है। संघ ने संबंधित प्रकरण के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
