धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। हकीकतपुर क्षेत्र की मौर्य बस्ती में स्थित मां काली का प्राचीन मंदिर आसपास के करीब सात से आठ कस्बों और बस्तियों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कई पीढ़ियों से श्रद्धालु इस मंदिर में मां काली की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। मान्यता और आस्था के चलते यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
मंदिर परिसर में शादी-विवाह से जुड़ी धार्मिक रस्मों के साथ मन्नत पूजा, कड़ाही चढ़ाने और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र के लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां काली के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर लंबे समय से क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। मंदिर की व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों की जिम्मेदारी ग्रामवासियों के सहयोग से मां काली नवयुवक दल समिति के सदस्य निभाते हैं। समिति की ओर से समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर मंदिर की परंपरा और मर्यादा को बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।
विकास और सौंदर्यीकरण की उठी मांग
ग्रामवासियों और समिति के सदस्यों ने प्रदेश सरकार में मंत्री ए.के. शर्मा से मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में पहल किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मऊ के विकास और सुंदरीकरण को लेकर मंत्री की ओर से किए जा रहे प्रयासों से क्षेत्र में विकास को गति मिली है। ऐसे में हकीकतपुर स्थित इस प्राचीन धार्मिक स्थल के विकास की भी उम्मीद ग्रामीण लगाए हुए हैं।
समिति के सदस्यों का कहना है कि मंदिर का विकास होने से न केवल इसकी भव्यता बढ़ेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और आवश्यक व्यवस्थाओं के विकास से आसपास के कई गांवों और बस्तियों के लोगों को लाभ मिलेगा।
ग्रामवासियों ने मंत्री से आग्रह किया है कि मां काली के इस प्राचीन एवं पूजनीय मंदिर के सर्वांगीण विकास और सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक पहल की जाए, ताकि मंदिर की धार्मिक गरिमा और भव्यता को और बढ़ाया जा सके।
