धर्मेन्द्र भारद्वाज। मऊ
**मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। तहसील स्थित आपूर्ति विभाग के कार्यालय में सरकारी कामकाज की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को कार्यालय में एक निजी व्यक्ति सरकारी डोंगल के माध्यम से राशन कार्ड से संबंधित पत्रावलियां विभागीय पोर्टल पर अपलोड करता मिला। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई वर्षों से कार्यालय में बैठकर इस तरह का काम कर रहा है। वहीं, आपूर्ति निरीक्षक ने संबंधित व्यक्ति को अपना कर्मचारी मानने से इनकार किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर निजी व्यक्ति को सरकारी डोंगल और विभागीय पोर्टल तक पहुंच किसकी अनुमति से मिली?
सोमवार को शाम करीब तीन बजे कार्यालय में पड़ताल के दौरान मृत्युंजय उर्फ बबलू कंप्यूटर पर बैठकर राशन कार्ड से संबंधित कार्य करता मिला। वह आपूर्ति निरीक्षक के सरकारी डोंगल का इस्तेमाल करते हुए विभागीय पोर्टल पर पत्रावलियां अपलोड कर रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि राशन कार्ड बनवाने के नाम पर गरीब और जरूरतमंद लोगों से अवैध धन की वसूली की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
*आपूर्ति निरीक्षक ने कर्मचारी मानने से किया इनकार**
इस मामले में जब आपूर्ति निरीक्षक विनोद कुमार अग्रहरी से जानकारी ली गई तो उन्होंने मृत्युंजय उर्फ बबलू को अपना कर्मचारी मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया। ऐसे में विभागीय व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि संबंधित व्यक्ति विभाग का कर्मचारी नहीं है तो वह सरकारी कार्यालय में बैठकर विभागीय कार्य किसके निर्देश पर कर रहा था? उसे सरकारी डोंगल का इस्तेमाल करने और राशन कार्ड से जुड़ी पत्रावलियां पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति किसने दी?
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यदि कोई निजी व्यक्ति सरकारी लॉगिन और डोंगल का इस्तेमाल कर विभागीय कार्य कर रहा है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? राशन कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सरकारी व्यवस्था में निजी व्यक्ति की भूमिका होने से लाभार्थियों के दस्तावेजों और उनकी जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
**एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश
मामले में उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना अर्चना अग्निहोत्री ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि जांच में सरकारी डोंगल के इस्तेमाल, निजी व्यक्ति की कार्यालय में मौजूदगी और राशन कार्ड बनवाने के नाम पर कथित वसूली के आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
