सेवराई (गाजीपुर)। प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बाजार मूल्य की तुलना में मुआवजा कम मिलने की आशंका को लेकर अब किसान आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। सोमवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव से मुलाकात कर आगामी तीन अक्टूबर को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी।
किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य की तुलना में प्रस्तावित मुआवजा कम होने की स्थिति में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इसी को लेकर किसान प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखने के साथ आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से तीन अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने का आग्रह किया। हालांकि, उपजिलाधिकारी ने फिलहाल अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि अभी तक उनके स्तर पर कोई सर्किल रेट निर्धारित होकर प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए इस संबंध में कोई भी बात करना संभव नहीं है।
उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव ने बताया कि कुछ किसान उनसे मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि अभी उनके यहां कोई सर्किल रेट नहीं आया है, इसलिए इस विषय पर फिलहाल कोई बात नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि धरना-प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।
मुआवजे और जमीन के मूल्य को लेकर किसानों की नाराजगी के बीच अब प्रशासन द्वारा सर्किल रेट निर्धारित किए जाने पर सबकी निगाहें टिकी हैं। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन का मूल्यांकन वास्तविक बाजार मूल्य को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
