सेवराई। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने बुधवार को प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखी। संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में प्रशासन से आवश्यक पहल करने की अपील की। एसोसिएशन के हिमांशु गुप्ता ने बताया कि औषधि व्यापार एवं जन स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिससे दवा व्यवसायियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संगठन के अनुसार देशभर में करीब 12.40 लाख केमिस्ट तथा उनसे जुड़े 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है। बताया कि अवैध ई-फार्मेसी संचालन एवं अन्य समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय संस्था एआईओसीडी के आह्वान पर 20 मई बुधवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद किया गया है। संगठन ने जीएसआर 817 (ई) एवं जीएसआर 220 (ई) अधिसूचनाओं को वापस लेने की मांग उठाई। मेडिकल स्टोर संचालक विकास गुप्ता ने कहाकि अवैध ई-फार्मेसी की अनियंत्रित वृद्धि तथा बड़े कॉर्पोरेट घरानों द्वारा प्रीडेटरी मूल्य निर्धारण की प्रवृत्ति से पारंपरिक औषधि वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे छोटे एवं मध्यम स्तर के दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं जन स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सेवराई तहसील मुख्यालय की विभिन्न मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण दवा के लिए आए मरीज और तीमारदारों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी और उन्हें बैरंग खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
