धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर बुधवार को विकास भवन परिसर में गरिमापूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विकास भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन, विचारों और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को नमन किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित विचार गोष्ठी में महात्मा गांधी के जीवन और उनके सिद्धांतों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, समानता, मानवता और सामाजिक समरसता को अपने जीवन का आधार बनाया। उनके आदर्शों को केवल स्मरण करने के बजाय अपने आचरण और कार्यप्रणाली में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करने का आह्वान किया। कहा कि कार्यालय में अपनी समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों की बात गंभीरता से सुनना और नियमानुसार उचित समाधान उपलब्ध कराना कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सेवा भावना के साथ काम करना गांधी जी के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम है।
सीडीओ ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक सुभाष चंद्र सरोज ने भी दोनों महान विभूतियों के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गांधी और शास्त्री का जीवन हमें सत्य, सादगी, सेवा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में विकास भवन के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
