स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में यूपी का परचम, लखनऊ ने इंदौर को पछाड़ रचा इतिहास


धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ

देशभर में पहली बार लखनऊ को मिला पहला स्थान, यूपी के 16 शहरों ने बनाई जगह

वार्ड स्तर पर भी राजधानी के वार्ड-70 ने हासिल किया देश में पहला स्थान

लखनऊ। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। राजधानी लखनऊ ने स्वच्छ वायु संरक्षण के क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। खास बात यह है कि लखनऊ ने पहली बार इंदौर को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। प्रदेश के कुल 16 शहरों ने अलग-अलग श्रेणियों में जगह बनाकर यूपी का मान बढ़ाया है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन को इसका श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए प्रदेश में लगातार किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

दस लाख से अधिक आबादी वाले छह शहर शीर्ष सूची में

दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की कैटेगरी-1 में उत्तर प्रदेश के छह शहरों ने स्थान बनाया है। इसमें लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया। आगरा चौथे, गाजियाबाद नौवें, कानपुर 11वें, प्रयागराज 13वें और मेरठ 22वें स्थान पर रहा।

मध्यम आबादी वाले शहरों का भी शानदार प्रदर्शन

तीन लाख से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों की कैटेगरी-2 में भी यूपी के छह शहरों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फिरोजाबाद दूसरे, झांसी पांचवें, मुरादाबाद और नोएडा आठवें, गोरखपुर 22वें और बरेली 26वें स्थान पर रहा।

वहीं, तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी-3 में रायबरेली ने 17वां, अनपरा ने 29वां, खुर्जा ने 30वां और गजरौला ने 31वां स्थान हासिल किया।

वार्ड स्तर पर भी यूपी का दबदबा

शहरों के साथ-साथ वार्ड स्तर की रैंकिंग में भी उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया। कैटेगरी-1 में लखनऊ के वार्ड-70 ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया। वहीं कैटेगरी-2 में प्रयागराज के वार्ड-31 को तीसरा स्थान मिला।

वार्ड स्तर की यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि प्रदेश में स्वच्छ वायु और बेहतर नगरीय व्यवस्था के लिए केवल शहर स्तर पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी काम किया जा रहा है।

स्वच्छता और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर

प्रदेश में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र के विस्तार, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कदमों पर जोर दिया जा रहा है। नगरीय निकायों की सक्रियता और नागरिकों की भागीदारी को भी इस अभियान में अहम माना जा रहा है।

मंत्री ने अधिकारियों और नागरिकों को दी बधाई

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने उपलब्धि के लिए नगरीय निकायों के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वच्छ शहर केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं हैं। इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ का देश में नंबर-वन बनना प्रदेश के लिए नई प्रेरणा है। अब इसी प्रतिबद्धता के साथ स्वच्छता सर्वेक्षण में भी लखनऊ को देश का नंबर-वन शहर बनाने के लिए सरकार, नगर निगम और नागरिक मिलकर काम करेंगे।

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