‘क्रांति दूत’ के कवर पेज का हुआ अनावरण, स्वतंत्रता सेनानी रामसुंदर पाण्डेय के योगदान को किया याद


धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ

प्रबुद्ध जन सम्मान समारोह में देशभक्ति का दिखा जज्बा, युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान

मधुबन। तहसील क्षेत्र के गजियापुर गांव में सोमवार को आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मान समारोह में देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामसुंदर पाण्डेय के जीवन और संघर्ष पर आधारित पुस्तक ‘क्रांति दूत’ के कवर पेज का अनावरण किया गया। स्व. रामसुंदर पाण्डेय के पौत्र एवं समाजसेवी अमित पाण्डेय ‘अर्पित’ ने कवर पेज का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम का आयोजन गजियापुर के प्रबुद्ध नागरिकों और युवा मंच के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह की शुरुआत स्व. रामसुंदर पाण्डेय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान शिक्षक, अधिवक्ता, किसान, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

पुस्तक ‘क्रांति दूत’ स्व. रामसुंदर पाण्डेय के जीवन, उनके संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को समर्पित है। पुस्तक में आजादी की लड़ाई के दौरान क्षेत्र के क्रांतिकारियों की संघर्ष गाथाओं को भी संकलित किया गया है। पुस्तक के कवर पर तिरंगा, मशाल और स्व. रामसुंदर पाण्डेय की तस्वीर को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

कवर पेज का अनावरण करते हुए अमित पाण्डेय ‘अर्पित’ ने कहा कि ‘क्रांति दूत’ केवल स्मृति ग्रंथ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि उनके बाबा का जीवन त्याग, संघर्ष और सेवा का उदाहरण रहा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ बाद में जनता की आवाज बनकर नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई।

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के जीवन संघर्ष से परिचित कराने की जरूरत है। उनके जीवन की गाथाएं युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यबोध और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा कर सकती हैं। ‘क्रांति दूत’ इसी दिशा में एक छोटा प्रयास है।

अमित पाण्डेय ने कहा कि उनके बाबा अक्सर कहा करते थे कि आजादी आसानी से नहीं मिली। इसके लिए जेल, लाठी और लंबे संघर्ष का सामना करना पड़ा। इसलिए स्वतंत्रता की कद्र करना और समाज के लिए कुछ बेहतर करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

समारोह में वरिष्ठ शिक्षक राघवेंद्र राय, रविंद्र सिंह, राम पलट राम, लल्लन प्रसाद सिंह और ग्रीस नारायण सिंह ने विचार व्यक्त करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अवध विहारी यादव, विनय कुमार मिश्र, पवन कुमार पांडेय, अखिलेश पाण्डेय, मनीष यादव, रविंद्र मौर्य और भूपेंद्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन तारकेश्वर नाथ त्रिपाठी ने किया।

error: Content is protected !!
नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9415000867 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें