धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। कोतवाली क्षेत्र के ओटनी गांव की चौहान बस्ती में पांच दिन पहले हुई आगजनी की घटना के बाद भी पीड़ित परिवार को अब तक प्रशासनिक अथवा चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी है। आग की चपेट में आने से दो भैंसें बुरी तरह झुलस गईं, जबकि गृहस्वामी हरिलाल चौहान और उनकी पत्नी मालती देवी भी घायल हो गईं। हादसे में अनाज, सरसों और ईंधन समेत घरेलू सामान भी जलकर नष्ट हो गया।
रविवार को देवघर से लौटने के बाद समाजसेवी विक्की वर्मा को घटना की जानकारी हुई। उन्होंने सहयोगियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने फोन के माध्यम से संबंधित लेखपाल को भी घटना की जानकारी देकर पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
मच्छरों से बचाव के लिए सुलगाया था धुआं
पीड़ित हरिलाल चौहान के मुताबिक, मंगलवार देर शाम अनाज, ईंधन और पशुओं के लिए बने कटरैन में मच्छरों से बचाव के लिए धुआं सुलगाया गया था। खाना खाने के बाद परिवार सो गया। बुधवार की रात करीब 1:30 बजे अचानक तेज धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं। परिवार के लोग घबराकर आग बुझाने और मवेशियों को बचाने में जुट गए।
इस दौरान दो भैंसें आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। आग बुझाने के प्रयास में हरिलाल चौहान और उनकी पत्नी मालती देवी भी झुलसकर घायल हो गईं। हादसे में घर में रखा अनाज, सरसों और ईंधन जल गया। तेज गर्मी के कारण कटरैन का कुछ हिस्सा भी टूटकर गिर गया और घर का प्रभावित हिस्सा धुएं व आग से काला पड़ गया।
पशु चिकित्सक ने इलाज का दिया भरोसा
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. कन्हैया प्रसाद ने सोमवार को घायल पशुओं के उपचार के लिए पहुंचने की प्रतिबद्धता जताई। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद अब तक कोई राजस्वकर्मी या पशु चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा था।
समाजसेवी विक्की वर्मा ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक आर्थिक, चिकित्सकीय और पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
