धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। साइबर अपराध जागरूकता माह के तहत सोमवार को साइबर सेल मऊ की टीम ने मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान यात्रियों, रेल कर्मचारियों और आम लोगों को साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति सचेत किया गया।
पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार और क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में साइबर सेल टीम ने लोगों को ओटीपी फ्रॉड, बैंक खाते से संबंधित ठगी, फर्जी नौकरी के ऑफर, डिजिटल अरेस्ट और लॉटरी व इनाम के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी।
टीम ने लोगों से अपील की कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या ओटीपी साझा न करें। वाट्सएप, एसएमएस और सोशल मीडिया पर आने वाले संदिग्ध लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक करने से भी बचें।
साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। टीम ने बताया कि पुलिस, सीबीआई या कस्टम अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करने वाले ठगों से डरने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें।
कार्यक्रम के अंत में साइबर सेल टीम ने यात्रियों और आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी पंपलेट वितरित किए। लोगों से स्वयं सतर्क रहने और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें
पुलिस ने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या वित्तीय धोखाधड़ी होने पर समय गंवाए बिना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है।
