धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
घोसी। फोन-पे के माध्यम से हुई साइबर ठगी के मामले में घोसी पुलिस की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के 10 हजार रुपये वापस करा दिए। ठगी के करीब एक माह बाद पूरी रकम खाते में वापस मिलने पर पीड़ित ने राहत की सांस ली।
लाखीपुर कुड़िया निवासी मनोज पुत्र रामसरीख के पास अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर साइबर फ्रॉड के नाम पर झांसे में लिया था। इसके बाद आरोपी ने फोन-पे के माध्यम से उनसे 10 हजार रुपये ठग लिए। घटना के बाद मनोज ने छह सितंबर 2026 को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही थाना घोसी की साइबर टीम ने मामले में कार्रवाई शुरू की और ठगी की रकम को होल्ड करा दिया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के बाद छह अक्तूबर को पीड़ित के खाते में पूरी 10 हजार रुपये की धनराशि वापस करा दी गई।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम एवं जागरूकता अभियान के तहत की गई। क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र भूषण तिवारी और प्रभारी निरीक्षक रविंद्र नाथ राय के नेतृत्व में साइबर टीम ने कार्रवाई की।
टीम में उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह (नोडल अधिकारी), उपनिरीक्षक दिनेश यादव (सहायक नोडल अधिकारी), हेड ऑपरेटर अरविंद यादव और महिला आरक्षी पुष्पलता पांडेय शामिल रहीं।
