गाजीपुर। जनपद में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में अब तक कार्रवाई न होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पीड़ित महिला सुनीता देवी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 16 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महिला ने बताया कि इससे पहले भी सैदपुर कोतवाली में शिकायत दी गई थी। उनका आरोप है कि बहरियाबाद थाना क्षेत्र के रायपुर स्थित RG कंप्यूटर प्रिंटिंग प्रेस का संचालक फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनाकर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा है। पीड़िता के अनुसार कार्ड बनवाने के नाम पर उनसे लगभग 20 हजार रुपये लिए गए। पीड़िता का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना को भी चुनौती देने जैसा है। सरकार द्वारा गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की योजना चलाई जा रही है, लेकिन कुछ लोग इस योजना को गलत तरीके से इस्तेमाल कर गरीबों के भरोसे के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। महिला ने मांग की है कि संबंधित जनसेवा केंद्र संचालक का सीएससी लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए तथा आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे गिरोह पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह नेटवर्क तेजी से पूरे जनपद में फैल सकता है। पीड़िता सुनीता देवी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से न्याय की गुहार लगाएंगी।
फर्जी आयुष्मान कार्ड गिरोह पर कार्रवाई नहीं, पीड़िता ने उठाए प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल
