शादियाबाद। मनिहारी विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत चकमहताब में जॉब कार्ड शिकायत के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद कुमार ने बिना शिकायतकर्ता को बताए ही फर्जी गवाहों के आधार पर रिपोर्ट लगाकर मामले का निस्तारण कर दिया। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत चकमहताब निवासी रजौती देवी ने 18 अप्रैल 2026 को समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए पुराने जॉब कार्ड को नए जॉब कार्ड में परिवर्तित करने की मांग की थी। शिकायत पर खण्ड विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जांच के दौरान न तो शिकायतकर्ता से सही तरीके से संपर्क किया गया और न ही वास्तविक तथ्यों की पड़ताल की गई। आरोप है कि सचिव प्रमोद कुमार द्वारा फर्जी गवाहों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर पोर्टल पर निस्तारण दर्ज कर दिया गया। मामला जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं इस घटना के बाद IGRS पोर्टल की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही जा रही है, जबकि स्थानीय लोगों में मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। वही पीड़ित परिवार ने बताया की ग्राम प्रधान हमेशा परेशान करता है। कई बार उच्च अधिकारियों ने भी फटकार लगाई है लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता है। उत्तर प्रदेश सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति को दागदार बना रहे ऐसे ही भ्रष्ट कर्मचारी, IGRS पोर्टल पर फर्जी निस्तारण करना फैशन बन गया है।
IGRS पोर्टल पर फर्जी गवाहों के आधार पर निस्तारण का मामला पकड़ा तुल- जिलाधिकारी ने दिया जॉच का आदेश
