मधुबन, मऊ। मधुबन तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने और खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैधानिक रूप से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गेहूं की कटाई के बाद क्षेत्र में खनन माफियाओं की सक्रियता बढ़ गई है। प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद कई खनन माफिया अवैध कारोबार में लगे हुए हैं और कार्रवाई से बचने के लिए तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगाकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
जिलाधिकारी आनन्द वर्धन ने शासन की गाइडलाइन के विपरीत खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश तहसील एवं पुलिस प्रशासन को दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी क्षेत्र में मानकों के विपरीत अवैध खनन पाया गया तो इसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम सत्यप्रकाश ने सभी लेखपालों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने हल्का क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से खनन करने वालों को चिन्हित कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बरती गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार पाण्डेय ने कहा कि विभागीय कमियों के चलते खनन माफिया सक्रिय हैं। अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनकी चपेट में आने से लोगों की जान भी जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
