भांवरकोल (गाजीपुर)। स्वतंत्रता आंदोलन में अहम योगदान देने वाले अमर शहीदों के गांव शेरपुर कलां गांव में “जिंदा शहीद” के नाम से विख्यात महान सेनानी स्व0 सीताराम राय की पुण्यतिथि पर क्षेत्रवासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।
इस मौके पर नारायन उपाध्याय ने महान सेनानी स्व0 सीताराम राय बाबू साहब को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्शो को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बाबू साहब जिन्दा दिल इंसान थे। हमेशा सबको एक होकर चलने की सलाह देते थे, इसलिए हम सभी को उनके आदर्शो पर चलना चाहिए।
इस मौके पर जिले के युवा समाजसेवी हिमांशु राय ने बलिदानी धरती शेरपुर के शहीदों को जज्बे को नमन करते हुए स्व0 सीताराम राम राय को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गुलामी के दौर में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्व० सीताराम राय जी को कुल चार गोलियां लगीं इसके बावजूद उन्हें कठवां मोड़ के समीप बेसो नदी में फेंक दिया गया। इसके बावजूद उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर मुनरो से कहा मुझे गोलियों की कोई परवाह नहीं मैं अभी भी जिंदा हूं हमेशा मैं जिन्दा रहूंगा। उनकी जांबाजी देख कलक्टर हतप्रभ रह गया । उन्हे अस्पताल भेजवाया । फिर वे जिन्दा सेनानी कहलाते थे।
इस मौके पर डा० आलोक राय ने कहा कि चमन को सींचने में कुछ पत्तियां तो झड़ गई होगी। उनमें अदम्य साहस की प्रकाष्ठा रही है। बाबू साहब के सीने में चार गोलियां लगने के बावजूद वे जिंदा रहे। उन्होंने बाबू साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबू साहब बहुत ओजस्वी व्यक्तित्व के धनी थे, जब वे वक्ता के रूप में होते थे तो सभी लोग उनकी बातों को बहुत गौर से सुनते थे।इस मौके पर दिनेश चंद्र राय चौधरी ने पुरानी यादों को बताते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस मौके पर भाजपा नेता राजेश राय बागी ने बाबू साहब के संघर्षों की याद दिलाते हुए लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों की धरती शेरपुर हमेशा से प्रखर प्रतिभा के धनी व्यक्तित्वों की जननी रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रबीन्द्रनाथ राय एवं ओजपूणऀ संचालन ओमप्रकाश मिश्र ने किया। इस मौके पर पूर्व प्रधान विद्यासागर गिरी, शशिधर राय,डा0 सुरेश राय, डा0 रमेश राय, आनंन्द राय, बूच्चू उपाध्याय, प्रदीप राय, छोटू राय,आशीष उपाध्याय ,आदि ने विचार व्यक्त किया।
