मुहम्मदाबाद/गाजीपुर। लंबित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को मुहम्मदाबाद तहसील के लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र एसडीएम को सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की गई।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष संतोष राय के नेतृत्व में आयोजित धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं, लेकिन बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लेखपालों में आक्रोश है।
अध्यक्ष संतोष राय ने बताया कि लेखपालों की प्रमुख मांगों में अंतरमंडलीय स्थानांतरण, वित्तीय वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करना, वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम एवं प्रमाणपत्र घोषित करना तथा विभिन्न भत्तों में वृद्धि शामिल है। इसके साथ ही भूलेख एवं अन्य सहायक पटल से संबंधित कार्यों में लगे लेखपालों को अवमुक्त करने की भी मांग की गई।
लेखपाल संघ ने ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, लेखपालों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, सुरक्षा भत्ता बढ़ाने का रोस्टर लागू करने, प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे देने तथा वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
लेखपालों ने स्पष्ट किया कि मांगों के निस्तारण तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने के उपरांत संघ के पदाधिकारियों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
धरने में अध्यक्ष संतोष राय, उपाध्यक्ष रविकांत सिंह, मंत्री अफसर अली, आशुतोष सिंह, नीरज पटेल, अरुणेन्द्र कन्नौजिया, प्रवीण कुशवाहा, वकील बिंद, पुनीत राय, सुनील यादव, राजेंद्र गुप्ता, किशन विश्वकर्मा, रामजी यादव, केशव प्रसाद श्रीवास्तव, रमेश राय, अखिलेश पासवान, पूजा रानी, श्वेता मिश्रा, प्रतिमा कुशवाहा, प्रिया जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
