सेवराई (गाजीपुर)। संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखे जाने वाले जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) को लेकर तहसील मुख्यालय सहित सतरामगंज, भदौरा और गहमर के बाजारों में जबरदस्त रौनक है।
इस वर्ष जितिया व्रत 3 अक्टूबर शनिवार को रखा जा रहा है। 2 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ इस तीन दिवसीय कठिन अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है। इसी के चलते शुक्रवार सुबह से ही बाजारों में व्रती महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
भगवान जीमूतवाहन की पूजा के लिए फूल-माला, फल, कलश, धूप-दीप और पूजन सामग्री की दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं है। नहाय-खाय और ओठगन (सरगी) के लिए मड़ुआ का आटा, नोनी का साग और सतपुतिया (झिंगी) जैसी पारंपरिक चीजों की मांग काफी बढ़ गई है। मांग बढ़ने से इन हरी सब्जियों के दामों में भी तेजी देखी जा रही है।
बाजारों में व्रती महिलाओं के लिए विशेष रूप से खाजा, गुजिया और ठेकुआ जैसे पारंपरिक मिष्ठान तैयार किए गए हैं। पूजा के बाद बच्चों के गले में पहनाए जाने वाले विशेष धार्मिक धागे जीउतिया और लॉकेट खरीदने के लिए भी दुकानों पर कतारें लगी रहीं।
सतरामगंज बाजार में दिनभर ग्रामीण इलाकों से पहुंची महिलाओं ने पूजन सामग्री, फल और मिठाइयों की जमकर खरीदारी की। दिनभर बाजार गुलजार रहा और महिलाओं में व्रत को लेकर खास उत्साह देखा गया।
मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पुत्रों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की तैयारी कर अपनी संतान के मंगल की कामना की।
