धर्मेंद्र भारद्वाज,। मऊ
*रेडियोलॉजी और इमेजिंग सेवाओं में गुणवत्ता व मरीजों की सुरक्षा को मिली नई पहचान*
मऊ। जनपद में आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं के क्षेत्र में जीफीनिक्स डायग्नोस्टिक सेंटर ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सेंटर को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH), क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया** की ओर से Medical Imaging Services (MIS) के तहत मान्यता प्रदान की गई है।
NABH की ओर से जारी प्रमाणपत्र के मुताबिक यह मान्यता 9 जुलाई 2026 से 8 जुलाई 2030 तक प्रभावी रहेगी। सेंटर को NABH Medical Imaging Services-2nd Edition के निर्धारित मानकों के अनुरूप विभिन्न रेडियोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेवाओं के लिए मान्यता मिली है।
मान्यता के दायरे में एक्स-रे, जनरल अल्ट्रासाउंड, कलर डॉप्लर, इंटरवेंशनल प्रक्रियाएं, MRI, CT स्कैन, CT गाइडेड प्रक्रियाएं, ECG और Echocardiography (ECHO) जैसी महत्वपूर्ण जांच सेवाएं शामिल हैं।
सेंटर प्रबंधन के अनुसार NABH मान्यता को केवल प्रमाणपत्र के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह मरीजों की सुरक्षा, जांच की गुणवत्ता, निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल और लगातार गुणवत्ता सुधार के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सेंटर में आधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षित चिकित्सकीय और तकनीकी टीम के माध्यम से मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रबंधन का कहना है कि सेंटर का उद्देश्य मऊ और आसपास के जिलों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक डायग्नोस्टिक एवं इमेजिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें जरूरी जांच के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
पूर्वांचल के मरीजों के लिए उपयोगी पहल
जीफीनिक्स डायग्नोस्टिक सेंटर को मिली NABH मान्यता को मऊ और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण तथा मानकीकृत इमेजिंग सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सेंटर प्रबंधन ने इस उपलब्धि का श्रेय चिकित्सकों, रेडियोलॉजिस्ट, तकनीकी कर्मचारियों, नर्सिंग और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों को दिया। साथ ही मरीजों और चिकित्सकों के विश्वास के लिए आभार जताया।
सेंटर का पता: प्लॉट नंबर 117, नरई बांध इमिलिया, सरदार अस्पताल के पास, मऊ-275101, उत्तर प्रदेश।
NABH प्रमाणपत्र संख्या: MIS-2026-0441
मान्यता अवधि: 9 जुलाई 2026 से 8 जुलाई 2030
