संवाददाता – त्रिलोकी नाथ राय
गाजीपुर। लोक न्याय एवं मानवाधिकार-संसाधन साहित्य प्रकोष्ठ के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर डा. ऋचा राय को मनोनीत किया गया है। उनके मनोनयन पर संगठन के पदाधिकारियों, साहित्यकारों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी।
डा. ऋचा राय गाजीपुर के हृदयेश पथ, नखास निवासी गिरिजा राय की पुत्री तथा स्वर्गीय श्रीकृष्ण राय ‘हृदयेश’ की नातिन हैं। उन्होंने एमए (हिंदी), एमए (अंग्रेजी), बीएड, एमजेएमसी तथा हिंदी विषय से पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदू इंटर कॉलेज, जमानियां में हिंदी की अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं।
डा. ऋचा राय लंबे समय से साहित्य के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। उनके लेख विभिन्न समाचार पत्रों एवं पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर प्रकाशित होते रहते हैं। सामाजिक सरोकारों, महिला सशक्तीकरण तथा साहित्य से जुड़े विषयों पर भी वह सक्रिय रूप से लेखन करती रही हैं।
उनका मनोनयन प्रमुख संरक्षक एवं मुख्य सचेतक कुलदीप सिंह राठौर के मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह उपाध्याय के निर्देशन तथा अजय विक्रम एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों की सहमति से किया गया है।
प्रमुख संरक्षक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि महिला साहित्यकारों की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र और समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डा. ऋचा राय साहित्य प्रकोष्ठ के विस्तार एवं संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह उपाध्याय ने कहा कि संगठन योग्य एवं समर्पित महिलाओं को नेतृत्व का अवसर देकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
अपनी नियुक्ति पर डा. ऋचा राय ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने नाना स्वर्गीय श्रीकृष्ण राय ‘हृदयेश’ एवं अपनी माता गिरिजा राय को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से ही उन्हें समाज एवं साहित्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने मिले दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और साहित्य एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
