वकीलों को काम करने में आ रही परेशानी का आरोप, आदेश पर पुनर्विचार की मांग
सेवराई (गाजीपुर)। तहसील सेवराई बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी गाजीपुर के एक आदेश के विरोध में पूर्ण दिवस हड़ताल और दो दिवस न्यायिक कार्य और उप निबंधक कार्यालय से विरत रहने का निर्णय लिया है। मंगलवार को बार एसोसिएशन की अति आवश्यक बैठक अध्यक्ष एडवोकेट पारस राम की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सर्वसम्मति से हड़ताल का प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में सदस्यों ने जिलाधिकारी के पत्रांक 2658/26 दिनांक 5 अगस्त के आदेश के अनुपालन में उपनिबंधक सेवराई द्वारा 15 से अधिक अधिवक्ताओं के काम रोके जाने तथा मलीयत व प्रतिफल समान होने शर्तों से जोड़कर विक्रय मूल्य और मालियत तथा सभी काश्तकारों का अंश निर्धारण करने की बात करते हुए टालमटोल किया तथा जिला अधिकारी के आदेश को बताते हुए उपनिबंधक द्वारा अधिवक्ताओं को हैरान परेशान पूरे दिन किया गया इस मामले पर बार एसोसिएशन ने नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे नियमानुसार अपना कार्य कर रहे हैं और भूमि संबंधी किसी गलत वकालत का मामला नहीं है। इसके बावजूद आदेश के चलते अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को कार्य करने में परेशानी हो रही है।
बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि इस स्थिति से न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सदस्यों ने आदेश पर पुनर्विचार कर अधिवक्ताओं के कामकाज को सुचारू बनाए जाने की मांग की।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया वही महासचिव एडवोकेट सुमंत सिंह कुशवाहा बताया कि जिला अधिकारी के आदेश के आड़ में उपनिबंधक महोदय द्वारा सरकार और शासन की मंशा के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है और सरकार का राजस्व का नुकसान उपनिबंधक और जिलाधिकारी द्वारा किया जा रहा है और अनावश्यक नियम और शर्त लगाया जा रहा है जो विधि विरुद्ध है ऐसा नहीं होना चाहिए यह जब तक वापस नहीं लिया जाएगा तब तक अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे वही महासचिव के नेतृत्व में पूर्ण दिवस हड़ताल/बंद किया गया। बैठक के प्रस्ताव पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट पारस राम और महासचिव एडवोकेट सुमंत सिंह कुशवाहा ने हस्ताक्षर कर प्रस्ताव पारित किया इस मौके पर अधिवक्ता अमरनाथ राम भोला सिंह यादव हैदर अली खान शाहजहां खान जितेंद्र राम फैयाज अहमद खान ओमप्रकाश राम सुरेंद्र राम राहुल गुप्ता रामसेवक पासवान मोहनलाल चौधरी संजीव सिंह जुनैद खान इत्यादि भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे वह नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया
