कुशीनगर। ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को विशुनपुरा विकास खंड के ग्राम सभा चितहा स्थित चउरा बाबा देव भूमि परिसर पहुंचे। उनके 41 दिवसीय “गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा” के तहत आगमन से क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन गया।
मंदिर पहुंचने के बाद शंकराचार्य ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और गौ-पूजन किया। इसके बाद आयोजित हिंदुत्व सनातन सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब पूर्वजों ने कभी गौहत्या को स्वीकार नहीं किया, तो आज समाज इसकी अनदेखी क्यों कर रहा है।
उन्होंने गौ-रक्षा को केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जुड़ा विषय बताया। साथ ही गाय को “राष्ट्रीय माता” का दर्जा दिलाने के अभियान का उल्लेख करते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि जो सरकारें गौहत्या रोकने में विफल हैं, उन्हें सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने देश में जारी गौहत्या और मांस निर्यात पर चिंता जताई और कुछ नीतियों को भारतीय संस्कृति के विपरीत बताया।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे उसी उम्मीदवार को वोट दें, जो गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए प्रतिबद्ध हो।कार्यक्रम के आयोजक पूर्व मंडल अध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा ने शंकराचार्य का स्वागत किया। इस दौरान मनोज मिश्रा, राजकुमार तिवारी, राजनाथ शर्मा, जगरनाथ मिश्रा, सुरेंद्र, राघव, आलोक मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, संजय कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत उपस्थित रहे
