धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना का आमजन के जीवन पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, इसका आकलन करने के लिए शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग की नामित टीम ने जनपद मऊ का दौरा किया।
टीम ने विकास खंड बड़रांव के विक्कमपुर और विकास खंड कोपागंज के चिश्तीपुर गांव का भ्रमण कर जलापूर्ति व्यवस्था, पेयजल की गुणवत्ता और योजना के सामाजिक प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान जिला समन्वयक (डीपीएमयू) मऊ तथा कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान अध्ययन दल ने प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, पानी समिति के सदस्यों, जल सखियों और आशा बहुओं से संवाद कर योजना के लाभ, नियमित जलापूर्ति, पानी की गुणवत्ता और ग्रामीणों के दैनिक जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।
ग्रामीणों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर टीम ने योजना की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया और विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक जानकारियां संकलित कीं। अध्ययन दल का मानना है कि यह मूल्यांकन जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य बिंदु

