पोषण कार्यक्रमों में लापरवाही पर डीएम सख्त, पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर कार्रवाई के निर्देश


धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ

जिला पोषण समिति की बैठक में योजनाओं की पैरामीटरवार समीक्षा, संदिग्ध आंकड़ों की जांच के भी दिए निर्देश

मऊ। जिला पोषण समिति की बैठक सोमवार को कैंप कार्यालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पोषण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की पैरामीटरवार समीक्षा की गई। खराब प्रदर्शन वाले संकेतकों में सुधार न होने और कई मामलों में आंकड़े संदिग्ध पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में सैम (गंभीर कुपोषित) बच्चों के चिन्हीकरण और उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने की प्रगति की समीक्षा की गई। सितंबर माह में बड़रांव, फतेहपुर मंडाव और मोहम्मदाबाद गोहना विकासखंड से एक भी बच्चे को एनआरसी में भर्ती नहीं कराए जाने पर संबंधित सीडीपीओ को कड़ी चेतावनी दी गई। डीएम ने जल्द प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।

चौथी प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि और गर्भवती महिलाओं के इष्टतम वजन की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी सीडीपीओ को आगामी दो-तीन माह में उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए। रानीपुर और फतेहपुर मंडाव में टीएचआर प्राप्त करने वाली गर्भवती महिलाओं की कम उपलब्धि की विशेष समीक्षा कर सुधार के निर्देश दिए गए।

मोहम्मदाबाद गोहना में सबसे कम बच्चों का वजन

शून्य से छह माह के बच्चों के वजन किए जाने की समीक्षा में मोहम्मदाबाद गोहना की उपलब्धि सबसे कम 88.66 प्रतिशत मिली। इस पर डीएम ने खराब प्रदर्शन करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पोषण ट्रैकर पर चिन्हित सैम बच्चों के ई-कवच पर पंजीकरण के आंकड़ों में भी संदिग्धता मिलने पर जिलाधिकारी ने फीडिंग व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। पिछले माह चिन्हित सैम बच्चों में शत-प्रतिशत सुधार की रिपोर्ट पर भी उन्होंने संदेह जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और सभी चिन्हित सैम बच्चों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया।

आंगनबाड़ी केंद्रों का शत-प्रतिशत निरीक्षण कराने के निर्देश

टीएचआर वितरण की समीक्षा में लाभार्थियों को शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में दूसरे प्रसव में बालिका जन्म के आधार पर पंजीकरण की कम उपलब्धि पर भी डीएम ने पंजीकरण बढ़ाने को कहा। कम फार्म प्राप्त होने और अपलोडिंग में खराब प्रदर्शन करने वाले सीडीपीओ को चिन्हित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। प्रत्येक सीडीपीओ को कम से कम 10 केंद्रों का निरीक्षण करने, कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा बंद पाए जाने वाले केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का असर आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।

राष्ट्रीय पोषण माह में साप्ताहिक गतिविधियों पर जोर

9 सितंबर से शुरू राष्ट्रीय पोषण माह की समीक्षा करते हुए डीएम ने थीम आधारित गतिविधियों का साप्ताहिक शेड्यूल तैयार कर प्रभावी तरीके से कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी को बेहतर कार्ययोजना तैयार कर अभियान के सफल संचालन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल व्यवस्था की समीक्षा में छह ग्राम पंचायतों में अब तक कार्य पूरा नहीं होने पर डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित ग्राम पंचायतों की सूची जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल पेंटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका से संबंधित कार्यों को भी प्रभावी ढंग से पूरा कराने पर जोर दिया।

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