धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
काली माता मंदिर के सामने भूमि विवाद को लेकर प्रशासन सतर्क, यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश
चिरैयाकोट (मऊ)। नगर पंचायत चिरैयाकोट के वार्ड नंबर आठ स्थित अब्दोपुर मानपुर के ‘काली का चौराहा’ पर लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। सावन के दूसरे सोमवार को जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों और शिव मंदिरों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने विवादित स्थल का निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया।
काली माता मंदिर के सामने स्थित गाटा संख्या 50 की भूमि को लेकर पिछले दो-तीन वर्षों से दो पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा है। प्रशासन के अनुसार, शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना की ओर से पूर्व में भूमि को कुर्क किया जा चुका है। इसके बाद भी मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रहने के कारण प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है।
मंदिर समिति ने रखी अपनी बात
मंदिर समिति और स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के सामने स्थित भूमि का लंबे समय से मंदिर से जुड़े कार्यों में उपयोग होता रहा है। समिति की ओर से भूमि पर कब्जे की कोशिश का आरोप लगाया गया है। हालांकि, भूमि के स्वामित्व और अधिकार को लेकर विवादित पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। प्रशासन ने मौके पर किसी भी प्रकार की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश
डीएम और एसपी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि विवादित भूमि पर यथास्थिति कायम रखी जाए और किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति न दी जाए। शांति व्यवस्था प्रभावित करने अथवा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सावन के दूसरे सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी। निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष विजय प्रकाश मौर्य, उपनिरीक्षक वीरेंद्र दुबे समेत पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से कराने की अपील की है।
