धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत शातिर अपराधी दिलशाद उर्फ मोनू के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट मऊ के आदेश के अनुपालन में आरोपी को छह माह की अवधि के लिए जनपद की सीमा से निष्कासित किया गया है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश के क्रम में 19 अगस्त 2026 को दिलशाद उर्फ मोनू पुत्र इश्तेयाक उर्फ गामा, निवासी पठान टोला, थाना कोतवाली नगर, मऊ को छह माह के लिए जिलाबदर किया गया।
पुलिस के मुताबिक दिलशाद उर्फ मोनू के खिलाफ कोतवाली मऊ में विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में वर्ष 2006 का आबकारी अधिनियम का मामला, वर्ष 2018 में मारपीट व अन्य धाराओं का मुकदमा, वर्ष 2019 और 2020 में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले तथा वर्ष 2024 में चोरी का माल रखने और पशु क्रूरता अधिनियम से संबंधित मुकदमा शामिल है।
पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है। जिलाबदर की कार्रवाई के बाद आरोपी को निर्धारित अवधि तक जनपद मऊ की सीमा से बाहर रहना होगा।
