धर्मेंद्र भारद्वाज। मऊ
मऊ। जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक मंगलवार देर शाम कैंप कार्यालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत संचालित ‘हर घर जल योजना’ की प्रगति, नियमित जलापूर्ति, सड़क मरम्मत, शिकायतों के निस्तारण और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि हर घर जल योजना सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को सितंबर के अंत तक शत-प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश दिए।
केएलएसआर की प्रगति सबसे खराब
समीक्षा के दौरान केएलएसआर कार्यदायी संस्था की प्रगति सबसे खराब पाई गई। संस्था की 113 परियोजनाओं से 319 गांव प्रभावित हैं। इनमें अभी तक केवल छह परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जबकि 20 परियोजनाएं 90 से 99 प्रतिशत और 22 परियोजनाएं 90 प्रतिशत से कम प्रगति पर हैं।
ओवरहेड टैंक निर्माण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। 113 ओवरहेड टैंकों के सापेक्ष अब तक केवल 14 टैंकों का निर्माण पूरा हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके मुकाबले जीए इन्फ्रा ने 199 में से 185 ओवरहेड टैंक, जबकि एलसी इन्फ्रा ने 225 में से 109 ओवरहेड टैंक पूरे किए हैं।
समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को मैनपावर बढ़ाकर सितंबर के अंत तक पूरा किया जाए। वहीं, 80 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली परियोजनाओं को अक्टूबर के अंत तक हर हाल में पूरा करने को कहा।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि धीमी प्रगति के चलते पूर्व में केएलएसआर संस्था पर पेनल्टी लगाई जा चुकी है और शासन स्तर पर पत्राचार भी किया गया है।
124 गांवों में जलापूर्ति की समीक्षा
संचालन एवं अनुरक्षण के तहत 53 परियोजनाओं से 124 गांव आच्छादित हैं। इनमें 72 गांवों में रनिंग वाटर शुरू हो चुका है, जबकि 50 गांवों में आंशिक जलापूर्ति हो रही है। दो स्थानों पर भूमि विवाद के कारण योजनाएं अभी क्रियाशील नहीं हो सकी हैं।
डीएम ने भूमि विवादों का शीघ्र निस्तारण कर योजनाओं को चालू कराने के निर्देश दिए। ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं होने की स्थिति में पंप के माध्यम से तत्काल जलापूर्ति और ट्रायल बढ़ाने को कहा।
नियमित जलापूर्ति 49.55 प्रतिशत, सड़क मरम्मत पर भी नाराजगी
बैठक में सामने आया कि योजना के तहत नियमित जलापूर्ति की प्रगति केवल 49.55 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने इसे प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाने के निर्देश दिए।
वहीं, 100 प्रतिशत सड़क मरम्मत पूर्ण वाले गांवों का प्रतिशत 64.96 प्रतिशत पाया गया। डीएम ने सभी संस्थाओं को इस माह के अंत तक सड़क मरम्मत पूरी कराने और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
एक साल से लंबित मिलीं पांच शिकायतें
शिकायतों की समीक्षा के दौरान केएलएसआर कार्यदायी संस्था के स्तर पर एक वर्ष से लंबित पांच शिकायतें मिलीं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी शिकायतों का तत्काल गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने थर्ड पार्टी इन्वेस्टिगेशन टीम को भी परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार, जल निगम के रामेश्वर दयाल, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के जिला प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
