गाजीपुर/भांवरकोल। बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मनियां स्थित आरजेएम विद्यालय की छात्रों से भरी स्कूली वैन का अगला पहिया अचानक निकल गया, जिससे अनियंत्रित वाहन लोहारपुर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के वक्त वाहन में 17 छात्र सवार थे। गनीमत रही कि किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बच गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही भांवरकोल पुलिस पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर थाने ले गई। बताया जा रहा है कि वाहन के आवश्यक कागजात की वैधता समाप्त होने के बावजूद उसका संचालन किया जा रहा था। यदि हादसा कुछ और गंभीर होता तो कई बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती थी
इस घटना ने विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही और स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर बिना वैध दस्तावेजों के वाहन बच्चों को लेकर सड़कों पर कैसे दौड़ रहा था और जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी?
भांवरकोल थाना प्रभारी राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि बच्चों के अभिभावकों की ओर से शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी भांवरकोल का प्रभार संभाल रहे मनीष पांडेय ने बताया कि दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय और वाहनों के समस्त अभिलेखों की शीघ्र जांच कराई जाएगी। कमियां मिलने पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 17 बच्चों की जिंदगी खतरे में डालने वाले इस मामले में केवल जांच होगी या विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही भी तय की जाएगी?
