मुहम्मदाबाद/गाजीपुर। आठ सूत्रीय लंबित मांगों के समाधान को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर लेखपालों ने आंदोलन की रणनीति तैयार करते हुए चरणबद्ध विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की है। इसी क्रम में स्थानीय तहसील परिसर में लेखपाल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविकांत सिंह के नेतृत्व में एसडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र सौंपा गया।
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए शासन और विभागीय अधिकारियों से लगातार मांग की जाती रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लेखपालों में आक्रोश बढ़ रहा है। अब संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगों को मजबूती से उठाने का निर्णय लिया है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविकांत सिंह ने बताया कि लेखपालों की प्रमुख मांगों में अंतरमंडलीय स्थानांतरण, वित्तीय वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करना, वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा के परिणाम एवं प्रमाणपत्र घोषित करना, भत्तों में वृद्धि, भूलेख एवं अन्य सहायक पटल से संबंधित कार्यों से लेखपालों को अवमुक्त करना तथा ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल हैं।
इसके अलावा लेखपालों ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, सुरक्षा भत्ता बढ़ाने का रोस्टर लागू करने, प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे देने तथा वेतन विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठाई है।
उन्होंने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 3 अक्टूबर 2026 को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए जिले की तीनों तहसीलों में लेखपाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र संबंधित एसडीएम को सौंपा जाएगा।
इसके बाद 14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर बाइक रैली निकाली जाएगी और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन के अंतिम चरण में 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
लेखपाल संघ के इस ऐलान के बाद राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
इस अवसर पर राजेंद्र गुप्ता, अफसर अली, महेंद्र कुशवाहा, वकील बिंद, रामजी यादव, अखिलेश पासवान, आशुतोष सिंह, श्वेता मिश्रा, प्रिया जायसवाल, किरन यादव सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
