प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र कुमार और क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा रामकृष्ण तिवारी की जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
शादियाबाद (गाजीपुर)। दुर्गा चौक के पास संचालित तान्या डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। सेंटर के कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालन के मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी के एमओआईसी डॉ. धर्मेंद्र कुमार की तहरीर पर शादियाबाद पुलिस ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की है। मुकदमा दर्ज होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है।
सीओ रामकृष्ण तिवारी की निगरानी में हुई जांच मामले में क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा रामकृष्ण तिवारी की भूमिका अहम रही। तहरीर के अनुसार सीओ भुड़कुड़ा द्वारा 19 अगस्त 2026 को मामले से संबंधित पत्र के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराया गया था। इसके बाद सीओ रामकृष्ण तिवारी और एमओआईसी डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से तान्या डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सेंटर का संचालक मौके पर मौजूद नहीं मिला। वहीं आदर्श कुमार और निशान्त कुमार नामक दो युवक वहां कार्य करते पाए गए। अधिकारियों ने दूरभाष के माध्यम से संचालक से संपर्क किया तो उसके वाराणसी में होने की जानकारी मिली।
दस्तावेज मांगने पर नहीं दिखा सके कागजात
निरीक्षण के दौरान सेंटर की ओर से कोई आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएमओ कार्यालय से सेंटर के पंजीकरण की जानकारी ली गई। तहरीर में उल्लेख है कि ऑनलाइन पोर्टल पर उक्त पैथोलॉजी सेंटर का पंजीकरण दर्ज नहीं पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एमओआईसी डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने 27 अगस्त को शादियाबाद थाने में लिखित तहरीर देकर सेंटर के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की।तहरीर मिलते ही पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
स्वास्थ्य विभाग की तहरीर पर शादियाबाद पुलिस ने मामले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 की धारा 34(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। सेंटर के संचालन, पंजीकरण और उपलब्ध दस्तावेजों समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
स्वास्थ्य जांच केंद्रों पर कसेगा शिकंजा!
तान्या डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित अन्य पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि मरीजों की जांच से जुड़े संस्थानों में नियमों की अनदेखी पर विभाग और पुलिस कार्रवाई कर सकते हैं।एमओआईसी डॉ. धर्मेंद्र कुमार की तहरीर और क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा रामकृष्ण तिवारी की जांच के बाद दर्ज हुए मुकदमे ने पूरे मामले को गंभीर मोड़ दे दिया है। अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं।
