खाद्य प्रसंस्करण से आत्मनिर्भर बनेगा ग्रामीण भारत : डॉ. सुधीर सिंह



नंदगंज (गाजीपुर), 23 जुलाई। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्व-रोजगार दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को ग्राम सभा सनौली, न्याय पंचायत देवकली, विकास खंड देवकली में ग्राम प्रधान मंसूर आलम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर ग्राम प्रधान ने प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा उन्हें प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान के आधार पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण डॉ. सुधीर सिंह रहे। उन्होंने उपस्थित लाभार्थियों को “विकसित भारत” का मंत्र देते हुए कहा कि “आत्मनिर्भरता ही स्व-रोजगार का सबसे सशक्त माध्यम है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाकर ही ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।” उन्होंने लाभार्थियों से प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान का उपयोग करते हुए अपने गांव, समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में राजकीय फल संरक्षण केंद्र गाजीपुर के प्रभारी सैयद हाशिम महमूद ने लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण एवं फल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न अनुदान एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों से इनका लाभ उठाने और रोजगार सृजन की दिशा में आगे आने की अपील की।

समापन समारोह में ग्राम प्रधान मंसूर आलम ने वाराणसी मंडल के मंडलीय अधिकारी एवं प्रधानाचार्य, राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र श्री ज्वाला प्रसाद, राजकीय फल संरक्षण केंद्र गाजीपुर के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सफल प्रशिक्षण आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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