सादात – गाज़ीपुर
गाजीपुर के शिशुआपार गांव में सोमवार शाम 5 बजे शिव मंदिर और अमृत सरोवर की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आदेश पर जखनियां तहसीलदार सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
यह कार्रवाई सादात क्षेत्र के शिशुआपार निवासी अखिलेश राय उर्फ श्यामसुंदर राय की शिकायत पर की गई। उन्होंने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को दिए आवेदन में बताया था कि गांव के रामजीत प्रजापति और उनके बेटे संग्राम प्रजापति ने वर्ष 2002 में शिव मंदिर और अमृत सरोवर की भीटा संख्या 272 पर ईंट की दीवार बनाकर और टिन शेड डालकर अतिक्रमण कर लिया था।
इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने 2017 में उप जिलाधिकारी जखनियां को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद, तहसीलदार कोर्ट ने भी 2018 में बेदखली का आदेश पारित किया।
अतिक्रमणकारियों ने इस आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की थी, जिसे साक्ष्य के अभाव में 6 जून 2022 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद भी अतिक्रमण हटाने में देरी हुई।
जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बाद तहसीलदार जखनियां ने 19 जुलाई को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। सोमवार को राजस्व टीम और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से शिव मंदिर का रास्ता और अमृत सरोवर का पाथवे, जो पिछले 25 वर्षों से बाधित था, अब खुल गया है।
मौके पर तहसीलदार सुनील कुमार सिंह के साथ राजस्व निरीक्षक राममिलन मिश्रा, दिनेश सिंह, लेखपाल राम प्रवेश यादव, रामाशंकर सोनकर, अंकित राय मौजूद थे। सादात थाने से उपनिरीक्षक सुरेंद्र राम मिश्रा, आरक्षी विकास यादव और महिला आरक्षी सत्यरूपा यादव सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों को अपना कब्जा हटा लेना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ भी बुलडोजर चलाकर जमीन खाली कराई जाएगी।
