गोंडउर में मां काली की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न 


गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम गोंडउर में मां काली जी के नव निर्मित मंदिर में भव्य प्रतिमा की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा श्री श्री 1008 गंगा पुत्र श्री लक्ष्मी नारायण त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के कर कमलों द्वारा सम्पन्न किया गया।18 जून को इसके निमित्त भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया था।कलश यात्रा गोंडउर से गाजे बाजे के साथ कोरंटाडीह डाक बंगला में पहुंची।वहां गंगा स्नान,गंगा पूजन,कलश पूजन के उपरांत सभी कलश यात्री कलश में गंगा जल लेकर पुनः गोंडउर कार्यक्रम स्थल पर वापस आये।19 जून से 23 जून तक गंगापुत्र श्री लक्ष्मी नारायण त्रिदंडी स्वामी जी के मुखारविंद से उपस्थित श्रोता ज्ञान भक्ति और वैराग्य की कथा मृत श्रीमद भागवत का श्रवण कर रहे हैं। आपने

श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण के जन्म, उनकी बाल लीलाओं और कंस के अत्याचारों का प्रसंग सुनाया। आपने कथा का विस्तार करते हुए

कहां कि बहन देवकी के विवाह के समय आकाशवाणी हुई थी कि देवकी की आठवीं संतान ही कंस के वध का कारण बनेगी। यह सुनते ही कंस क्रोधित हो उठा और देवकी का वध करने के लिए तैयार हो गया। तब वासुदेव ने कंस को वचन दिया कि देवकी से उत्पन्न होने वाली प्रत्येक संतान को वह स्वयं उसके हवाले कर देंगे। इस वचन के बाद कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया और उनके छह पुत्रों का निर्ममता से वध कर दिया। पंडित ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि को भगवान श्री कृष्ण ने कारागार में जन्म लिया। भगवान की कृपा से जेल के सभी बंधन स्वतः खुल गए और वासुदेव नवजात श्री कृष्ण को लेकर यमुना नदी पार करते हुए गोकुल पहुंचे, जहां उन्होंने नंद बाबा और माता यशोदा के यहां जन्मी कन्या को लेकर वापस मथुरा पहुंचा दिया। उन्होंने माखन चोरी, गोपियों के साथ रासलीला और गोवर्धन पर्वत धारण जैसी भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला मानव जीवन को धर्म, प्रेम, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने, प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और भगवान श्री कृष्ण के जयकारों के बीच भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया।

इस कार्यक्रम में जितेन्द्र कुमार राय, राकेश राय, दिनेश राय,अवधेश राय,मनोज राय, हिमांशु राय बिट्टू,कुंदन राय, शिवानंद राय समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु पुरुष एवं महिलाएं नियमित कथा का श्रवण कर रही है।इस आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।

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