• गाजीपुर के सफेद जहर के सौदागरों का चन्दौली में पर्दाफाश: गैंगस्टर एक्ट भी नहीं रोक पाया कदम
• सब्जी के झोले में मिली 50 लाख की हेरोइन: पुलिस को चकमा देने के लिए तस्करों ने अपनाया था नया पैंतरा।
• तस्करों का गाजीपुर से पुराना कनेक्शन: पहले भी ड्रग्स फैक्ट्री चलाने के मामले में जेल जा चुका है मुख्य आरोपी।
• मार्च 2024 में लगा था गैंगस्टर एक्ट, फिर भी सड़कों पर घूम रहे सौदागर।
चन्दौली/गाजीपुर। कहते हैं अपराधी अपनी खाल बदल सकता है, लेकिन अपनी फितरत और धंधा नहीं। गाजीपुर की सरजमीं पर जड़ें जमा चुके एक कुख्यात ड्रग सिंडिकेट का खौफनाक चेहरा एक बार फिर चन्दौली में सामने आया है। जिस गिरोह की कमर तोड़ने का दावा पुलिस ने मार्च 2024 में गैंगस्टर एक्ट लगाकर किया था, उसका सक्रिय सदस्य गंगाराम वर्मा आज चन्दौली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
सब्जी का झोला और 50 लाख का माल
चन्दौली एसपी आकाश पटेल के कड़े निर्देशन में काम कर रही पुलिस टीम ने पड़ाव चौराहे के पास घेराबंदी कर बाराबंकी निवासी दो शातिर तस्करों, गंगाराम वर्मा और नीरज वर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान पुलिस भी दंग रह गई शातिर तस्करों ने सब्जी के झोले के भीतर 400 ग्राम अवैध हेरोइन छिपाई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
पुराना है गाजीपुर कनेक्शन
यह गिरफ्तारी न केवल तस्करी का खुलासा है, बल्कि गाजीपुर पुलिस के पुराने दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान भी है। जनवरी 2023 में गाजीपुर पुलिस ने सुधीर, मनोहर और इसी गंगाराम की तिगड़ी को सवा किलो हेरोइन के साथ पकड़ा था। तब खुलासा हुआ था कि ये अपराधी गाजीपुर में ही ड्रग्स बनाने की यूनिट चला रहे हैं।
गैंगस्टर एक्ट के बावजूद बेखौफ आका
मार्च 2024 में इन पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया और इन्हें समाज के लिए अत्यंत खतरनाक घोषित किया गया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर कैसे महज एक साल के भीतर गंगाराम फिर से 50 लाख की खेप लेकर सड़कों पर घूम रहा था? क्या गाजीपुर में बैठे इनके आकाओं का संरक्षण आज भी बरकरार है?
पुलिस की कार्रवाई
चन्दौली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। हालांकि, चर्चा आम है कि जब तक गाजीपुर में बैठे इस संगठित गिरोह के असली आकाओं पर शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक ये प्यादे सड़कों पर सफेद जहर घोलते रहेंगे।
