कुशीनगर ।जनपद के खड्डा क्षेत्र में गहराए डीजल संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। डीजल की कमी के कारण कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसान खेतों के बजाय पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। तेज धूप और बारिश की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।खड्डा स्थित नारायण फिलिंग स्टेशन पर शुक्रवार रात 3 बजे से ही डीजल लेने वालों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। किसानों ने रात करीब 2 बजे से ही अपने गैलन और डिब्बे लेकर लाइनें लगा दी थीं, ताकि सुबह तक उन्हें डीजल मिल सके और वे अपने खेतों की सिंचाई कर सकें।किसानों के अनुसार, भीषण गर्मी और बारिश की कमी के कारण गन्ने की फसल सूखने लगी है। खेतों में नमी खत्म होने से पंपसेट चलाने के लिए डीजल की अति आवश्यकता है, लेकिन पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध न होने से सिंचाई कार्य ठप पड़ गया है। इसके अतिरिक्त, धान की रोपाई के लिए बीज गिराने का समय भी नजदीक है, जिससे पानी की कमी किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।बसडीला निवासी 60 वर्षीय भभूति ने बताया कि वह सुबह 5 बजे से डीजल के लिए लाइन में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनके खेत में गन्ना सूख रहा है और धान की रोपाई के लिए बीज गिराना है, लेकिन डीजल न मिलने के कारण खेती का काम रुका हुआ है।नारायण फिलिंग स्टेशन पर ही दिल्ली जाने वाले एक ट्रक चालक ने भी अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि वह पिछले दिन से ही लाइन में खड़े हैं। उनके ट्रक में कबाड़ लदा है और उन्हें दिल्ली पहुंचना है, लेकिन डीजल न मिलने के कारण वे फंसे हुए हैं। चालक ने लगातार इंतजार से हो रही परेशानी पर चिंता व्यक्त की।
खड्डा क्षेत्र के दूसरे पेट्रोल पंप, किसान सेवा केंद्र इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर भी स्थिति समान ही थी। यहां भी सुबह 5 बजे से ही लोगों ने गैलन और डिब्बे लगाकर लाइनें लगा दी थीं। हालांकि, इस पेट्रोल पंप पर न तो पेट्रोल उपलब्ध था और न ही डीजल, इसके बावजूद लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।लाइन में लगे 15 वर्षीय आदित्य ने बताया कि वह सुबह 5 बजे से लाइन में लगा है। पंप पर अभी तेल नहीं है और बताया गया है कि दोपहर बाद करीब 3 बजे तेल आने की संभावना है। आदित्य ने कहा कि खेत में गन्ना सूख रहा है और पानी चलाने के लिए डीजल बेहद जरूरी है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा बताया गया कि तेल की गाड़ी रास्ते में है और सप्लाई पहुंचने के बाद वितरण शुरू किया जाएगा। इसी उम्मीद में लोग घंटों से लाइन में डटे हुए हैं। उधर हनुमानगंज में मंगलम फिलिंग सेंटर पर भी सुबह से भारी भीड़ देखने को मिली। तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए लोगों ने डिब्बे और गैलन लाइन में लगाकर खुद छांव में बैठना शुरू कर दिया। यहां भी किसानों और वाहन चालकों की लंबी कतार लगी रही। स्थानीय किसानों का कहना है कि डीजल की कमी के कारण कृषि कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली घरों के बाहर खड़े हैं, खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही और धान की तैयारी बाधित हो गई है। किसानों को डर है कि यदि जल्द ही डीजल की नियमित आपूर्ति नहीं हुई तो आने वाले दिनों में धान की रोपाई पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। पंप का संचालक रवि प्रकाश रौनियार का कहना है कि पेट्रोल डीजल आ रहा है तो किसानों को डीजल देने में प्रमुखता दिया जा रहा है किसानों को डीजल 1000 रुपये का और पेट्रोल 500 का दिया जा रहा है।

