निरीक्षण में खुली पोल—एक्सपायरी फायर सिलेंडर, बायो-वेस्ट का इंतजाम नहीं, दर्जनों मरीज भर्ती
गाज़ीपुर। कासिमाबाद ब्लॉक क्षेत्र में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बहादुरगंज स्थित एक निजी अस्पताल पर छापा मारकर बड़ी लापरवाही उजागर की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल पूरी तरह अव्यवस्थित और नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित मिलता है, जिसे देखकर टीम भी हैरान रह गई।
जांच में सामने आया कि अस्पताल का कोई वैध रजिस्ट्रेशन नहीं था। मेडिकल बायो-वेस्ट के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं मिली और फायर सेफ्टी के नाम पर रखा सिलेंडर भी एक्सपायरी डेट का पाया गया।अस्पताल के अंदर का नजारा और भी चिंताजनक था। कई मरीज ऑपरेशन के बाद बेड पर पड़े थे, जबकि उनके परिजन बेड के नीचे या आसपास फर्श पर सोते मिले। यहां महिला और पुरुष मरीजों के गंभीर ऑपरेशन—जैसे सिजेरियन डिलीवरी, बच्चेदानी, हर्निया, पथरी और हाइड्रोसील—किए जा रहे थे।
जब टीम ऑपरेशन थिएटर तक पहुंची तो हालात और भी बदतर मिले। ओटी में गंदगी और बदबू का आलम था, जिससे संक्रमण का खतरा साफ दिखाई दे रहा था। वहीं ओपीडी में भी दो दर्जन से अधिक मरीज मौजूद मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल में लगातार इलाज और ऑपरेशन का सिलसिला जारी था।निरीक्षण करने वाली टीम ने इस स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि इस तरह से लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बड़ा सवाल:
बिना अनुमति और बुनियादी सुविधाओं के ऐसे अस्पताल आखिर कब तक चलते रहेंगे? क्या जिम्मेदार विभाग इस पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर मामला दबा दिया जाएगा?
बताया जा रहा है कि इस अस्पताल की शिकायत पहले ही उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की जा चुकी है। अब सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
