गाजीपुर। नगरपालिका की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सिटी हॉस्पिटल के मुख्य गेट के पास जमा गंदगी और कूड़े का अंबार नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर मरीजों, डॉक्टरों और उनके परिजनों का लगातार आना-जाना लगा रहता है, उसी अस्पताल के प्रवेश द्वार के आसपास गंदगी का ढेर लगा हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब तीन-चार महीने पहले नगरपालिका के सफाई कर्मचारी यहां नाले की सफाई करने पहुंचे थे। कर्मचारियों ने नाले की सफाई तो की, लेकिन निकली हुई गंदगी और कूड़े को वहीं छोड़कर चले गए। उस समय कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया था कि कूड़ा सूखने के बाद उठा लिया जाएगा। लेकिन लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी कूड़ा उठाने की जहमत नहीं उठाई गई।
अब स्थिति यह है कि कूड़ा और गंदगी अस्पताल के गेट के पास ही जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मचारी कूड़ा उठाने का आश्वासन देकर चले गए, लेकिन आज तक वापस नहीं आए। नगरपालिका की नजरों में आखिर यह कूड़ा कब सूखेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं, आसपास के लोगों की आंखें सफाई कर्मचारियों की राह देखते-देखते थक चुकी हैं।
स्वच्छता अभियान के दावों पर उठ रहे सवाल….
एक तरफ केंद्र और प्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आना चिंता का विषय है। क्या नगरपालिका का स्वच्छता अभियान केवल कागजों और औपचारिकताओं तक सीमित रह गया है? क्या सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है? आखिर सफाई के बाद निकले कूड़े को उठाने की जिम्मेदारी किसकी है?
मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का खतरा….
अस्पताल के आसपास गंदगी जमा होने से मच्छर, मक्खियां और दुर्गंध फैलने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर संक्रमण का खतरा मंडरा सकता है। जिस अस्पताल के आसपास साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण होना चाहिए, वहां कूड़े का अंबार होना बेहद चिंताजनक है।
आखिर जिम्मेदार कौन?….
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? नगरपालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, सफाई नायक या संबंधित सफाई कर्मचारी? क्या अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है या फिर जानकारी होने के बावजूद अनदेखी की जा रही है?
स्थानीय लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि सिटी हॉस्पिटल के गेट के पास जमा कूड़े और गंदगी को तत्काल हटवाया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
अब देखना यह है कि नगरपालिका प्रशासन इस खबर के बाद जागता है या फिर अस्पताल के गेट पर लगा गंदगी का यह अंबार अधिकारियों की उदासीनता की कहानी यूं ही बयां करता रहेगा।
