सेवराई (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र के गहमर गांव के उत्तर टोला निवासी राजगोविंद तिवारी के सुपौत्र एवं हंसराज तिवारी के पुत्र राजेश तिवारी ने शोध एवं वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर गांव, जनपद और केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। परिजनों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
राजेश तिवारी को प्रतिष्ठित डॉ. पीडी सेठी नेशनल एचपीटीएलसी अवॉर्ड्स 2025 में विशिष्ट अनुप्रयोग श्रेणी के अंतर्गत तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, मोगा स्थित आईएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आयोजित 22वीं अंतरराष्ट्रीय साइक्लोडेक्सट्रिन संगोष्ठी (ICS-22) में उनकी वैज्ञानिक शोध प्रस्तुति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
वर्तमान में राजेश तिवारी केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब, बठिंडा के फार्मास्यूटिकल साइंसेज एवं नेचुरल प्रोडक्ट्स विभाग में शोध कार्य कर रहे हैं। उनका शोध प्राकृतिक उत्पादों में मौजूद जैव सक्रिय यौगिकों की पहचान और उनके संभावित औषधीय महत्व पर आधारित है।
शोध के अंतर्गत कनेर की पत्तियों के एथेनॉलिक अर्क का एचपीटीएलसी और एलसी-एमएस जैसी आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों से अध्ययन किया गया। इस दौरान क्वेरसेटिन नामक यौगिक की पहचान की गई। साथ ही प्लास्मोडियम के प्रोटीएज एंजाइमों के विरुद्ध इसकी संभावित गतिविधि का कंप्यूटेशनल विश्लेषण भी किया गया।
इस शोध का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त जैव सक्रिय यौगिकों की पहचान कर उनके संभावित औषधीय उपयोग की संभावनाओं को तलाशना है। इसके लिए पारंपरिक विश्लेषणात्मक विधियों के साथ आधुनिक कंप्यूटेशनल तकनीकों का प्रयोग किया गया है, जो औषधि अनुसंधान के क्षेत्र में नए विकल्प तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉ. पीडी सेठी नेशनल एचपीटीएलसी अवॉर्ड्स 2025 का आयोजन एन्क्रोम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया गया था। इसका पुरस्कार वितरण समारोह 7 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित हुआ, जिसमें राजेश तिवारी को सम्मानित किया गया। इस शोधपत्र से जुड़े सभी सहलेखकों को भी प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
वहीं, उनकी दूसरी उपलब्धि 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक आईएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मोगा में आयोजित 22वीं अंतरराष्ट्रीय साइक्लोडेक्सट्रिन संगोष्ठी में सामने आई। यहां प्रस्तुत उनके शोध कार्य और वैज्ञानिक प्रस्तुति को निर्णायक मंडल ने सराहा और उन्हें द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
राजेश तिवारी की इन दोहरी उपलब्धियों से गहमर गांव सहित पूरे सेवराई क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि वह भविष्य में भी अपने शोध और वैज्ञानिक प्रतिभा के माध्यम से देश-विदेश में क्षेत्र का नाम रोशन करते रहेंगे।
