गाजीपुर। जमानिया नगरपालिका परिषद में कर्मचारियों की कथित अनुपस्थिति को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। वायरल फोटो और वीडियो के अनुसार शनिवार को एक बार फिर कार्यालय के कई चैंबर खाली नजर आने की बात सामने आई। ऐसे में जनता के मन में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों के काम समय पर क्यों नहीं हो पा रहे हैं?
डीएम साहब! आखिर कब खुलेगी अधिकारियों की नींद?
स्थानीय लोगों के सवालों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है। जब नगरपालिका अध्यक्ष मेहरबान, तो कर्मचारी क्यों करेंगे काम? आरोप है कि नगरपालिका में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी नहीं हो रही है। इसी बीच जनता के बीच यह कटाक्ष भी चर्चा में है। “बस महीना पूरा होते ही मिल जाते हैं दाम, लेकिन जनता के काम का क्या अंजाम?”
सरकारी कर्मचारियों को वेतन जनता के कामकाज और निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए मिलता है। यदि कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं रहते और नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
कभी धरना, कभी हाथा पाई पर उतर आते हैं कर्मचारी तो कभी कार्यालय खाली—आखिर व्यवस्था कौन संभालेगा? कर्मचारी नहीं नगरपालिका अध्यक्ष के पर्सनल बाडीगार्ड बन कर चलते नजर आते हैं कर्मचारी
नगरपालिका कर्मचारियों के कभी धरने में शामिल होने और कभी ड्यूटी के दौरान हाथा पाई कर विवादों की स्थिति सामने आने के आरोपों के बीच प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। कलश यात्रा में कर्मचारियों के शामिल होने का वीडियो चर्चा में आने के बीच यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या उनकी अनुपस्थिति स्वीकृत थी और उस दौरान जनता के कार्यों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी।
अधिशासी अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं करते?…
यदि कर्मचारी निर्धारित समय में कार्यालय से अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो उनकी उपस्थिति की जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है? क्या अधिशासी अधिकारी को कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित समीक्षा नहीं करनी चाहिए? जिलाधिकारी महोदय को इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
डीएम साहब से जनता के सवाल…
नगरपालिका कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित क्यों नहीं होती?
जनता के रुके हुए कार्यों की जवाबदेही कौन लेगा?
कर्मचारियों की अनुपस्थिति की जांच कब होगी?
नगरपालिका की कार्यप्रणाली की निगरानी और जवाबदेही कब तय होगी?
जनता को सिर्फ वेतन पाने वाले कर्मचारी नहीं, जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारी चाहिए। जिलाधिकारी महोदय से मांग है कि जमानिया नगरपालिका परिषद की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं प्रमाणित हों, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आखिर कब तक जनता नगरपालिका के चक्कर काटती रहेगी? जनता के टैक्स से चलने वाले कार्यालयों में जनता का काम होना चाहिए—यही जवाबदेह प्रशासन की असली कसौटी है।
