कासिमाबाद गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में विद्युत विभाग के अंतर्गत पिछले 10 से 15 वर्षों से कार्यरत लगभग 60 हजार मीटर रीडरों को UPCOS/आउटसोर्स व्यवस्था में शामिल किए जाने तथा उनका रोजगार सुरक्षित रखे जाने की मांग उठी है। इस संबंध में समस्त मीटर रीडर, गाजीपुर (उ.प्र.) की ओर से प्रदेश के पंचायत राज मंत्री को आवेदन पत्र भेजकर वर्षों से कार्यरत मीटर रीडरों के हित में उचित निर्णय लिए जाने की मांग की गई है।
आवेदन पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में लगभग 60 हजार मीटर रीडर लंबे समय से विद्युत विभाग में कार्य करते हुए उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर मीटर रीडिंग, बिलिंग तथा विद्युत उपभोक्ताओं से संबंधित विभिन्न कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इन कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मीटर रीडरों का कहना है कि लंबे समय तक क्षेत्र में कार्य करने के कारण उन्हें विद्युत उपभोक्ताओं, मीटर तथा बिलिंग व्यवस्था से संबंधित पर्याप्त अनुभव और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त है। इसके बावजूद वर्तमान व्यवस्था में इन अनुभवी मीटर रीडरों के भविष्य और रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
आवेदन में कहा गया है कि UPCOS/आउटसोर्स व्यवस्था में लगभग 60 हजार मीटर रीडरों को शामिल किए जाने की आवश्यकता है, जिससे वर्षों से कार्यरत अनुभवी कर्मचारियों का रोजगार सुरक्षित रह सके और विद्युत विभाग को प्रशिक्षित एवं अनुभवी मानव संसाधन भी उपलब्ध होता रहे।
मीटर रीडरों ने मांग की है कि 10-15 वर्षों से कार्यरत मीटर रीडरों को UPCOS/उचित आउटसोर्स व्यवस्था में शामिल किया जाए। लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के अनुभव को प्राथमिकता देते हुए उनका रोजगार सुरक्षित रखा जाए। वर्तमान में कार्यरत मीटर रीडरों को हटाकर नए व्यक्तियों की नियुक्ति करने के बजाय अनुभवी कर्मचारियों को ही कार्य का अवसर दिया जाए। साथ ही मीटर रीडरों के लिए उचित मानदेय/वेतन और समय से भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाए।
आवेदन में यह भी आग्रह किया गया है कि शासन स्तर से अंतिम निर्णय होने तक वर्तमान में कार्यरत मीटर रीडरों को कार्य से न हटाया जाए। आवेदन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी गाजीपुर तथा अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल गाजीपुर को भी भेजी गई है।
