बहादुरगंज, गाजीपुर। कस्बा बहादुरगंज में गुरुवार को ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने घरों और मस्जिदों में कुरान की तिलावत, फातिहा और दुआ का आयोजन किया। इस दौरान मदरसा समसिया रजाउल उलूम में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में हाफिज शौकत साहब हबीबी ने हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी रहमतुल्लाह अलैह के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी को हजरत गौस-ए-आजम के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने इस्लामी शिक्षा, नेक आचरण, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद को विशेष महत्व दिया। उनकी शिक्षाएं सच्चाई के रास्ते पर चलने, सब्र, विनम्रता और मानव सेवा की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने कहा कि हमें हजरत गौस-ए-आजम की शिक्षाओं से सीख लेते हुए उनके बताए नेक रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए। ग्यारहवीं शरीफ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्म-सुधार और अच्छे कार्यों की प्रेरणा लेने का अवसर भी है। इस दिन हमें प्रेम, भाईचारे, दया और इंसानियत को बढ़ावा देने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर मास्टर मोहम्मद अली खान, फौजी शोएब खान, बबलू खान, अबूसाद खान, माज खान, हाफिज राशिद खान, वकार खान, सरफराज खान और अबूजर खान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
