मऊ में गरीब समाज पार्टी ने रखीं 10 सूत्री मांगें, आवास से रोजगार तक का मुद्दा उठाया


धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ

डोम-मुसहर, नट, धरिकार और बांसफोर समाज के हक की लड़ाई, मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन

मऊ। जिले में गरीब समाज पार्टी/अधिकार मंच ने डोम-मुसहर, नट, धरिकार और बांसफोर सहित समाज के सबसे वंचित तबकों के अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार और तहसील सदर, मऊ के नाम एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें महंगाई, बेरोजगारी और गरीब वर्ग की तमाम समस्याओं को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की गई है।

संगठन का कहना है कि यह समाज वर्षों से आर्थिक तंगी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन बसर करने को मजबूर है। ऐसे में सरकार को गंभीरता से इन समुदायों के उत्थान के लिए कदम उठाने चाहिए।

आवास और जमीन के पट्टे की मांग सबसे प्रमुख

प्रमुखता से डोम-मुसहर, नट, धरिकार, बांसफोर और पत्थरकट समाज को जमीन का पट्टा देकर पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है। संगठन के अनुसार, इन समुदायों के अनेक परिवार आज भी सड़क किनारे झोपड़ी डालकर गुजर-बसर करने को विवश हैं।

राशन और पेयजल पर भी जोर

हर परिवार को राशन कार्ड बनवाकर प्रति यूनिट 25 किलो राशन देने की मांग की गई है। इसके साथ ही गरीब परिवारों तक पानी की सुविधा और हर घर पेयजल पहुंचाने की मांग भी उठाई गई है।

बिजली बिल घटाकर 50 रुपये करने की मांग

गरीब परिवारों के लिए बिजली बिल को घटाकर मात्र 50 रुपये किए जाने की मांग को भी विज्ञप्ति में खास तौर पर रेखांकित किया गया है। संगठन का तर्क है कि आय के सीमित साधनों के चलते बिजली का खर्च गरीब तबके के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन गया है।

शिक्षा और रोजगार को लेकर मांगें

बच्चों के लिए सरल और सुलभ शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ 5,000 रुपये प्रोत्साहन छात्रवृत्ति देने की मांग रखी गई है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और गरीब समाज के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की मांग भी की गई है।

जाति प्रमाणपत्र न बनने का आरोप

संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में संबंधित समुदायों के जाति प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे, जिससे बच्चों की पढ़ाई और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है। संगठन ने जाति प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया सरल किए जाने की मांग की है। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में बने शौचालयों की सफाई का काम स्थानीय गरीब समाज के लोगों को रोजगार के रूप में दिए जाने की मांग भी उठाई गई है।

बांसफोर समाज के लिए बांस बागान की मांग

बांसफोर समाज की ओर से सड़क किनारे बांस के बागान लगवाने की मांग की गई है। संगठन के मुताबिक बांस के महंगा होने से इस पारंपरिक पेशे से जुड़े लोगों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है, इसलिए सरकारी स्तर पर बांस उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।

 

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