सेवराई। स्थानीय तहसील क्षेत्र के विकासखंड भदौरा में शुक्रवार को जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों, सचिवों एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में प्रधान, सचिव और शिक्षक पहुंच गए, जिसके चलते विकासखंड सभागार में जगह कम पड़ गई। स्थिति यह रही कि कई लोगों को सभागार के बाहर पेड़ के नीचे बैठक में शामिल होना पड़ा। वहीं पर्याप्त कुर्सियां उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, सचिव और शिक्षक खड़े होकर ही बैठक में भाग लेते नजर आए।बैठक के दौरान क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सिंह भी विकासखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधानों और शिक्षकों से संवाद करते हुए गांवों के विकास के लिए आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करने की सलाह दी। विधायक ने कहा कि गांवों के विकास में ग्राम प्रधान, सचिव और शिक्षक सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। आपसी तालमेल से कार्य करने पर विकास योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकता है।वहीं जिला विकास अधिकारी ने क्षेत्र के सभी परिषदीय विद्यालयों की स्थिति की जानकारी प्रधानाध्यापकों से ली। विद्यालयों में भवन, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, फर्श, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति के संबंध में जानकारी लेकर आवश्यक कार्यों को चिह्नित करने का निर्देश दिए गए।डीडीओ ने ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में जिन कार्यों की आवश्यकता है, उनका प्राथमिकता के आधार पर चयन कराकर विकास कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर से उपलब्ध संसाधनों का नियमानुसार उपयोग करते हुए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।बैठक में अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति, विद्यालयों की व्यवस्थाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कराए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों ने प्रधानों और सचिवों को शासन की योजनाओं का पारदर्शी ढंग से क्रियान्वयन करने तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान सभागार में जगह और कुर्सियों की कमी को लेकर प्रधानों, सचिवों एवं शिक्षकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। बड़ी संख्या में लोग बाहर पेड़ के नीचे और खड़े होकर बैठक में शामिल हुए। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा विभिन्न विकास कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में क्षेत्र के ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, प्रधानाध्यापक सहित विकासखंड के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
विकासखंड भदौरा के सभी आवासीय और अनावासीय भवन वर्षों से जर्जर पड़े होने के कारण एकमात्र सभागार कक्ष किसी भी बड़ी बैठक के लिए पर्याप्त नहीं है ऐसे में कई बार खंडविकास अधिकारी द्वारा बार-बार कार्य योजना बनाकर प्रस्ताव भेजा गया लेकिन लगभग दो दशक बीत जाने के बावजूद भी अब तक धन अवमुक्त नहीं होने के कारण विकासखंड कर्मचारियों व फरियादियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ।
