धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। किसानों की आय बढ़ाने और जनपद में नवोन्मेषी फसल मखाने की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, पिलखी में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से 25 किसानों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह, उप कृषि निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार सिंह सहित उद्यान वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र कुमार कुशवाहा, डॉ. सुमित कुमार गुप्ता, डॉ. प्रशांत देव, डॉ. आकांक्षा, डॉ. अंगद प्रसाद, डॉ. हिमांशु राय तथा सेवानिवृत्त सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. डी.ए. पांडेय मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को मखाने की आधुनिक खेती, खेत की तैयारी, जैविक खेती, कीट प्रबंधन, उत्पादन तकनीक और इससे होने वाले आर्थिक लाभ की जानकारी दी। डॉ. आकांक्षा ने बताया कि पड़ोसी राज्य बिहार में मखाने का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाता है। मऊ में भी मखाने की खेती को बढ़ावा देकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह ने किसानों को मखाने की खेती के लिए शासन की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले अनुदान और अन्य सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से नई कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विजय सिंह, अंकित राय, उमेश चौहान, मूलचंद, शंभूनाथ समेत अन्य किसान उपस्थित रहे। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मखाने की खेती को आय बढ़ाने के एक नए विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
