धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की जिला अनुसरण समिति की बैठक; डिजिटल उपस्थिति और विद्यालय निरीक्षण में सुधार पर जोर
मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को कैंप कार्यालय स्थित सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की जिला अनुसरण समिति की बैठक हुई। इसमें स्कूल चलो अभियान 2026-27, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन, आरटीई के तहत प्रवेश, विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था, निर्माण कार्य, डिजिटल उपस्थिति, विद्यालय निरीक्षण, किचन गार्डन और डीबीटी समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
स्कूल चलो अभियान की समीक्षा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष 33,232 नए नामांकन हुए थे। इसके मुकाबले चालू शैक्षिक सत्र में अब तक 31,650 नए विद्यार्थियों का नामांकन कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अगले 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर पिछले वर्ष से अधिक नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 230 नामांकन पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बालिकाओं का अधिक से अधिक नामांकन कराने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माण की समीक्षा में रतनपुरा में करीब 80 प्रतिशत और रानीपुर में 96 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा पाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आरटीई के तहत 1,303 बच्चों का प्रवेश
आरटीई के तहत निर्धारित 1,485 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,303 नामांकन हुए हैं, जो 87 प्रतिशत से अधिक है। कुछ विकासखंडों में कम नामांकन मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन नहीं कराने के कारण लिखित रूप में प्राप्त करने और शेष बच्चों का जल्द प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
हाईटेंशन तारों को लेकर संयुक्त सत्यापन के निर्देश
विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों की समीक्षा में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 43 विद्यालयों में तार नहीं हटाए जाने की जानकारी दी गई, जबकि विद्युत विभाग की सूची में केवल तीन विद्यालय बताए गए। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दोनों सूचियों का संयुक्त रूप से स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी परिषदीय विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन की जांच कर शत-प्रतिशत विद्यालयों को बिजली कनेक्शन से संतृप्त करने को कहा।
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय और मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। रानीपुर विकासखंड के पलिया स्थित निर्माणाधीन मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल उपस्थिति में कमी पर जताई नाराजगी
परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति की समीक्षा के दौरान मोहम्मदाबाद गोहना शिक्षा क्षेत्र में जुलाई माह की 75.11 प्रतिशत उपस्थिति के मुकाबले 71.02 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। रतनपुरा शिक्षा क्षेत्र में भी अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर खराब प्रदर्शन वाले विद्यालयों को चिन्हित कर संबंधित प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि डिजिटल उपस्थिति में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और खराब प्रदर्शन वाले विकासखंडों के संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कम निरीक्षण पर सीडीपीओ को फटकार
विद्यालय निरीक्षण की समीक्षा में कई सीडीपीओ द्वारा निर्धारित लक्ष्य से कम निरीक्षण किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को खराब प्रदर्शन करने वाले सीडीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले के 774 विद्यालयों में किचन गार्डन स्थापित किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने इनके बेहतर रखरखाव और विकास के साथ नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
डीबीटी की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए कि योजना के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित मदों जैसे ड्रेस, जूते, बैग आदि के लिए ही किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आती है तो उसे नजरअंदाज न किया जाए और नियमानुसार तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
