-आयुष शर्मा
बांकीपुर उपचुनाव की मतगणना में हर राउंड के साथ मुकाबले की तस्वीर बदलती गई। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने लगातार अपनी बढ़त बढ़ाई और आखिर में बड़ी जीत दर्ज की।
प्रशांत किशोर को बोरिंग रोड, बुद्धा कॉलोनी, कदमकुआं, मीठापुर, जयप्रकाश नगर, चांदपुर बेला और अशोक राजपथ जैसे इलाकों से अच्छा समर्थन मिला। इन क्षेत्रों के वोटों ने उनकी जीत की मजबूत नींव रखी।
वहीं भाजपा पूरे चुनाव के दौरान लगातार बढ़त नहीं बना सकी। केवल एएन कॉलेज–किदवईपुरी–पीएनटी कॉलोनी क्षेत्र में भाजपा को 17 वोटों की मामूली बढ़त मिली, लेकिन इसका चुनाव के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा।
तीसरे राउंड में बोरिंग रोड और कैनाल रोड के बूथों से प्रशांत किशोर को 3,795 वोट मिले, जबकि भाजपा को 2,634 और राजद को 664 वोट मिले।
चौथे राउंड में भाजपा ने थोड़ी वापसी की। इस चरण में भाजपा को 1,254 और प्रशांत किशोर को 1,237 वोट मिले। यह एकमात्र राउंड था, जिसमें भाजपा आगे रही।
लेकिन पांचवें राउंड में चकारम, बुद्धा कॉलोनी और दुजरा के बूथों से जन सुराज को जबरदस्त समर्थन मिला। इस राउंड में प्रशांत किशोर को 2,702 वोट और भाजपा को 1,528 वोट मिले। यहीं से उनकी बढ़त 2,319 वोट तक पहुंच गई और फिर भाजपा वापसी नहीं कर सकी।
इसके बाद फ्रेजर रोड, लालजी टोला, कदमकुआं, पीरमुहानी, लोहानीपुर और करबिगहिया जैसे भाजपा के मजबूत माने जाने वाले इलाकों में भी जन सुराज बढ़त बनाए रखने में सफल रही।
12वें से 17वें राउंड तक भाजपा कोई बड़ा उलटफेर नहीं कर सकी। कदमकुआं क्षेत्र में प्रशांत किशोर को 2,357 वोट मिले, जबकि भाजपा 1,884 वोट पर रही।
18वें राउंड में सिपारा और हरिश्चंद्र नगर क्षेत्र से राजद को कुछ बेहतर वोट मिले, लेकिन यहां भी प्रशांत किशोर 2,175 वोट लेकर पहले स्थान पर रहे। भाजपा 1,320 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रही।
19वें से 26वें राउंड के बीच मीठापुर, यारपुर, जक्कनपुर, पुरंदरपुर, जयप्रकाश नगर, चांदपुर बेला और अशोक राजपथ जैसे इलाकों से लगातार जन सुराज को बढ़त मिलती रही।
26वें और अंतिम राउंड में भी प्रशांत किशोर को 2,590 वोट मिले, जबकि भाजपा को 1,679 और राजद को 418 वोट मिले।
निष्कर्ष:
बांकीपुर उपचुनाव में लगभग हर चरण में जन सुराज ने बढ़त बनाए रखी। भाजपा केवल एक राउंड में मामूली बढ़त हासिल कर सकी, लेकिन पूरे चुनाव में लगातार दबाव नहीं बना पाई। अलग-अलग सामाजिक और शहरी इलाकों से मिले व्यापक समर्थन ने प्रशांत किशोर की जीत को ऐतिहासिक बना दिया।


