नंदगंज (गाजीपुर)। डिजिटल युग में जहाँ लगभग सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी सेवाएँ आधार कार्ड से जुड़ी हुई हैं, वहीं नंदगंज डाकघर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय पत्रकार आबिद शमीम ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री इल्मा नूर आबिद का आधार कार्ड करीब चार-पाँच माह पूर्व बनवाया था, लेकिन आज तक आधार कार्ड उनके पते पर नहीं पहुँचा है।
उन्होंने बताया कि कई बार नंदगंज डाकघर में जानकारी लेने के बावजूद कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। डाक वितरण से जुड़े कर्मचारी भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि आधार कार्ड कब तक उपलब्ध होगा। इससे आम लोगों में नाराज़गी और असंतोष बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में आधार कार्ड लगभग हर आवश्यक कार्य के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। बैंक खाता खोलने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, विद्यालय में प्रवेश, मोबाइल सिम लेने तथा अन्य कई सेवाओं में इसकी आवश्यकता पड़ती है। यदि किसी अभिभावक को अपनी बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के तहत डाकघर में खाता खोलना हो, तो आधार कार्ड न होने के कारण उसे अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आधार कार्ड वितरण में हो रही देरी की जांच कराई जाए तथा लंबित आधार कार्डों को शीघ्र लाभार्थियों तक पहुँचाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि डाक विभाग की कार्यप्रणाली में समयबद्धता नहीं लाई गई, तो आम नागरिकों की समस्याएँ और बढ़ सकती हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाते हैं।
