कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के अति संवेदनशील गांव खैरी में गुरुवार रात मोहर्रम जुलूस को लेकर विवाद खड़ा हो गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
हिंदू समुदाय के लोगों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा पुलिस की मिलीभगत से बिना अनुमति मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। आरोप है कि जुलूस के दौरान हिंदू धार्मिक स्थलों एवं घरों पर लगे धार्मिक ध्वज तोड़कर जमीन पर फेंक दिए गए और उन पर चलते हुए जुलूस आगे बढ़ा, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सूचना मिलने पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने गिरे हुए धार्मिक ध्वजों को दोबारा लगवाया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, दैनिक समाचार पत्र वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हिंदू समुदाय के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही तथा आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया थानाध्यक्ष का पक्ष जानने के लिए उनके सीयूजी नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। इसलिए पुलिस का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
